दुनिया में हो रही सैन्य मामलों में क्रांति के दृष्टिकोण से, हीरक और प्लेटिनम जुबली के बीच की अवधि आईएमए के लिए विस्तार की अवधि थी जिसमें , सहायक बुनियादी ढांचे के साथ जेंटलमैन कैडेटों की संख्या, पाठ्यक्रम की सामग्री और प्रशिक्षण में नवाचार शामिल हैं ।
अकादमी की प्लेटिनम जयंती, वर्ष जनवरी 2007 में शुरू हुई और अकादमी ने पूरे वर्ष जयंती मनाने के लिए कमर कस ली। गतिविधियों में जिम के लिए एक दौड़, एक रक्तदान शिविर, माउंट भागीरथी द्वितीय के लिए एक पर्वतारोहण अभियान, गंगा में व्हाईट वाटर राफ्टिंग अभियान, रेगिस्तान में साइकिल , ऊंट, घोड़े और मारुति जिप्सी सहित एक बहु सफारी अभियान, एक मोटर साइकिल रैली के साथ ही अधिकतम ऊंचाई पर स्थित मोटरेबल दर्रे, खारदुंगला (18500 फीट) से सियाचिन बेस कैंप तक का मोटरसाईकिल अभियान शामिल है ।
इन आयोजनों को मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) बीसी खंडूरी, एवीएसएम, आईएमए के पूर्व प्रशिक्षु और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा फर्स्ट डे कवर के विमोचन द्वारा यादगार बनाया गया ।
यह एक प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर के लिए एक गीत लिखने का भी अवसर था, जिसे अक्टूबर 2007 में आईएमए गीत के रूप में अपनाया गया । कार्यक्रम का समापन 10
दिसंबर 2007 को ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ, जिसमें प्लेटिनम जुबली पासिंग आउट परेड थी। भारत के माननीय प्रधान मंत्री, डॉ मनमोहन सिंह द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया ।
आगामी वर्षों में, अकादमी द्वारा को दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुईं : एक, भारत के माननीय प्रधान मंत्री, श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 जनवरी 2017 को संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन का उद्घाटन दूसरे भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद द्वारा 11 दिसंबर 2021 को पासिंग आउट परेड निरीक्षण ।