स्कूल ऑफ टेक्निकल ट्रेनिंग

 

 

 

१.     आर्मड कोर के सैनिकों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक विशिष्ट संगठन के रूप में स्कूल ऑफ टेक्निकल ट्रेनिंग (एस ओ टी टी) की स्थापना १९८९ में की गयी थी। एक अलग संस्थान की आवश्यकता प्रौद्योगिकी में प्रगति और ८० के दशक के दौरान कोर में हुए त्वरित विस्तार से प्रेरित थी। 
 
२.     १९८९ से पहले उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण रेजीमेण्टों के उन्नत प्रशिक्षण विंगों द्वारा दिया जा रहा था। उसके बाद इन तीन उन्नत प्रशिक्षण विंगों को टेक्निकल ट्रेनिंग स्कूल बनाने के लिए मिला दिया गया।  १९९४ में आर्मड कोर केन्द्र एवं स्कूल में इस नए संगठन को औपचारिक रूप दिया गया और यह आज तक मौजूद है। 
 
३.     स्कूल ऑफ टेक्निकल ट्रेनिंग में ऑटोमोटिव, आर्मामेण्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और टी टी सी विंग नामक चार विंग हैं। स्कूल ऑफ टेक्निकल ट्रेनिंग अपने तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने के साथ आर्मड कोर, मैकेनाइज्ड इन्फ़ेंट्री, आर्टिलरी (सपोर्ट), ए ए डी, इंजीनियर्स और मित्रवत विदेशी राष्ट्रों के सैनिकों को उच्च क्षमता का प्रशिक्षण प्रदान करता है। स्कूल में  एक ऐडम एवं व्हीकल स्क्वाड्रन भी शामिल है जो कि प्रशिक्षण एवं उससे संबंधित व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए विंगों की सहायता करता है। 
 
४.     इस स्कूल के विंगों में पोस्टिंग के लिए मानदंड कड़े हैं, न्यूनतम योग्यता प्रशिक्षक कोर्स में ‘ए एक्स (आई)’ ग्रेडिंग है। ये प्रशिक्षक, कोर की तकनीकी विशेषज्ञता का निर्माण करते हैं और अगली पीढ़ी के प्रशिक्षकों के परीक्षण, मूल्यांकन और प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदार हैं। 
 
५.     मुख्यालय एस ओ टी टी पहले आर्मामेण्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक्स रेजीमेण्ट के साथ स्थित था, जो पूर्ववर्ती केन्द्र मुख्यालय के सामने था।  ब्रिगेडियर ए एस संधु तकनीकी प्रशिक्षण स्कूल के पहले कमांडर थे। मुख्यालय 2009 में अपनी वर्तमान जगह पर स्थानांतरित हुआ। 
 
 
 
ऑटोमोटिव  विंग  आर्मामेण्ट विंग
इलेक्ट्रॉनिक्स विंग