सेवाएं

()    डाक सेवाएं:-

एपीएस और डाक विभाग का प्राथमिक उद्देश्य, डाक और SDS के प्रसारण हेतु उच्च स्तर की सेवा देना है।

विभिन्न प्रकार की डाक सेवाएं, एफपीओ के माध्यम से उपलब्ध हैं जैसे कि लेटर मेल, पार्सल मेल, पंजीकृत डाक और बीमित डाक।

डाक पत्रों को प्रथम श्रेणी की डाक और द्वितीय श्रेणी की डाक के रूप में दो व्यापक श्रेणियों में वगीकृत किया गया है।

प्रथम श्रेणी की डाक को भारत में हवाई प्रसारण दिया जाता है, जहांॅ भी इस तरह का हवाई प्रसारण उपलब्ध  है। प्रथम श्रेणी की डाक का वितरण बिना जनता से कोई अतिरिक्त शुल्क वसूल किए, किया जाता है।

द्वितीय श्रेणी की डाक को तभी एयर लिफ्ट किया जाता है, जब उन्हें प्रेषक से अपेक्षित एयर सरचार्ज के संग्रह होने पर एयर ट्रंासमिशन के लिए चिहिनत किया गया हो।

          ()     पोस्ट कार्ड:-

पोस्ट कार्ड निर्धारित आकार के कार्ड पर एक खुला संचार है। पोस्ट कार्ड दो किस्मों में उपलब्ध हैः एकल और जवाबी पोस्ट कार्ड। पोस्ट कार्ड का उपयोग केवल भारत के भीतर प्रसारण के लिए किया जाता है।

आयाम/मापः    १४ सेमी × ९ सेमी (लंबाई और चैडाई)

‘‘फोल्ड पेपर टाइप‘‘ फोल्डिंग द्वारा बनाए गए निजी निर्माण के पोस्ट-कार्ड, या पेपर के दो या अधिक परतों को एक साथ चिपकाकर पोस्ट-कार्ड के रूप में पोस्ट द्वारा पे्रषित नहीें किया जा सकता है।

निषेध   

पोस्टकार्ड में कुछ भी संलग्न नहीेें हो सकता है। यह मुडा हुआ, कटा हुआ या फटा हुआ नहीं होना चाहिए, सिवाय इसके कि मुद्रित डाक टिकट को प्रांरभ से छापा नहीं गया हो, न ही इसे किसी भी प्रकार के कवर मेें संलग्न किया जाना चाहिए।

एक एकल पोस्ट कार्ड में उस पर अंकित निर्धारित मूल्य की एक मोहर होती है। जवाबी पोस्टकार्ड में प्रत्येक कार्ड पर निर्धारित मूल्य का एक स्टैंप होती है। उत्तर पोस्टकार्ड के एक हिस्से को प्रेषक के लिखित जवाब केे लिए छोडा जाता है।

          ()    पत्र:-

वार्तालाप के लिए कागज के एक टुकडे पर किसी भी लेखन को पत्र कहा जाता है। डाक द्वारा भुगतान या बिना पूर्व भुगतान के पत्र प्रेषित किए जा सकते हैं। एक पत्र का वज़न २ किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए।

शुल्क

प्रत्येक २॰ ग्राम या उससे कम के लिए ₹ ५.॰॰

()      अंतर्देशीय पत्र कार्डः-

लेटर कार्ड का अर्थ है कि पत्र के लिए उपयोग किए जाने वाला कागज़ उपयुक्त रूप से मुडा और चिपका हुआ हो। संचार के लिए पत्र का या कागज़ का आकार मानक के अनुरूप और मुडा हुआ हो। अंतर्देशीय पत्र कार्ड का उपयोग केवल भारत के भीतर प्रसारण के लिए किया जाता है।

लेटर कार्ड, विदेशी सेवा में उपयोग किए जाने वाले एयरोग्राम फार्म के आकार और आकार में बारिकी से मिलते-जुलते हैं, जिन्हंें फौज़ के उपयोग के लिए जारी किया जाता है। लेटर कार्ड म, उस पर अंकित डाक के

निर्धारित मूल्य की एक मोहर होती है।

अधिकतम वज़न - ५ ग्राम

()      बुक पैकेटः-

सी/ बुक पैकेट में किसी भी व्यक्तिगत संचार, कागज, पैसे, डाक या अन्य टिकटों और चेक आदि के अलावा कुछ भी मुद्रित या पांडुलिपि हो सकती है।

पुस्तक पैकेट पर कोई व्यक्तिगत संचार संलग्न या लिखित नहीं होगा। इसमें कोई क़ागजी पैसा, डाक या अन्य डाक टिकट, चेक इत्यादि शामिल नहीं होंगेः इसमें मुहर लगी स्वःपता पोस्ट कार्ड या पत्र या आवरण शामिल हो

सकते हैं।

अधिकतम वज़न - ५ किलोग्राम

शुल्कः-

पहले ५॰ ग्राम के लिए ₹ ४ ़॰॰ और प्रत्येक अतिक्ति ५॰ ग्राम या उससे कम के लिए ₹ ३ ़॰॰

()    पार्सलः-

सामग्रीः पार्सल के माध्यम से कुछ भी भेजा जा सकता है, केवल उन चीज़ों को छोडकर जिनको भेज़ना निषेध़ है। पार्सल में केवल एक ही पता होना चाहिए। यदि पार्सल में कुछ अनअधिकृत सामान होने की आशंका हो जिसे आदेशित ना किया गया हो तो उसे प्राप्तकर्ता या अधिकृत व्यक्ति की उपस्थिति में खोला जाएगा और पाए जाने वाले प्रत्येक पत्र को दोगुना चार्ज किया जाएगा। यदि प्राप्तकर्ता शुल्क देने से इनकार करता है तो उस पार्सल को प्रेषक को वापस भेज दिया जाएगा।

व़जन और आकार

(एक)   बिना पंजीकृत पार्सल का व़जन ४ किलोग्राम (४॰॰॰ ग्राम) से अधिक नहीं होना चाहिए। पंजीकृत पार्सल का व़जन इससे अधिक नहीं होना चाहिएः-                                  

(क)     केवल १॰ किलो, यदि एक शाखा डाक घर से या को बुक किया जाए।

(ख)     अन्य मामलों में २॰ किलो।

(दो)     पार्सल की लंबाई १ मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए और चैडाई व ऊॅंचाई १.८॰ मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।

(तीन)   कोई भी पार्सल ऐसा ना हो जो कि अपने आकार, अपने पैकिंग के तरीके या किसी अन्य कारण से जिससे इसे प्रेषित करना असुविधाजनक या जोखि़म भरा हो।

शुल्कः-

५॰॰ ग्राम या उससे कम के लिए           -         ₹ १९ ़॰॰

अतिरिक्त ५॰॰ ग्राम के लिए                -         ₹ १६ ़॰॰

अनुप्रेषण शुल्क                               -         वास्तविक डाक शुल्क का ५॰ प्रतिशत

()     पंजीकृत पत्रः-

एक पंजीकृत पत्र एक प्रथम श्रेणी का पत्र है, जिसका अर्थ है कि इसे बिना अतिरिक्त एयर सरचार्ज के जहां भी संभव हो या उचित हो, वायु संचरण की सुविधा दी जाएगी। किसी भी बुक किए गए लेख को पंजीकृत करना उसे जवाबदेह बनाता है।

ग्राहक को ¬१३ अंकीय ट्रैंकिग पहचान संख्या प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वह बुकिंग कार्यालय से गंतव्य पते तक अपनी वस्तु या पत्र को ट्रैक कर सकता है। घरेलु प्रसारण हेतु शुल्क ₹ १७ है। एक पत्र के लिए, पहले २॰ ग्राम के लिए शुल्क ₹ ५ ़॰॰ और अतिरिक्त ₹ ५ ़॰॰ प्रत्येक २॰ ग्राम या उसके हिस्से के लिए।

()      पंजीकृत पार्सलः-

किसी भी बुक किए गए वस्तु को पंजीकृत करवाना उसे जवाबदेह बनाता है। ग्राहक को १३ अंकीय ट्रैंकिग पहचान  संख्या प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वह बुकिंग कार्यालय से गंतव्य पते तक वस्तु को ट्रैक कर सकता है। पार्सल को द्वितीय श्रेणी की वस्तुओं में गिना जाता है, जिसे वायु मार्ग द्वारा प्रेषित करने के लिए अतिरिक्त अधिभार या शुल्क की आवश्यकता होगी।

पार्सल हेतु अधिकतम स्वीकार्य वज़न २॰ किलोग्राम है।

()      बीमित पत्र/पार्सलः-

सभी डाकघरों में वस्तुओं का बीमा किया जाता है। बीमित डाक, प्रसारण के दौरान सभी जोखिमों को कवर करता है। बीमित किए गए वस्तु पर डाक टिकट, पंजीकरण शुल्क और बीमा शुल्क का पूर्व भुगतान आनवार्य है। बीमित किए गए वस्तु पर डाक टिकट एक तरफ ही लगााए जाने चाहिए ताकि वस्तु के कवर का फटा हिस्सा छुप ना सके।

ऐसे मामले जिनमें बीमा करवाना अनिवार्य है

यदि किसी कीमती वस्तु जिसका भुगतान वसूली १॰॰ से अधिक हो, इस दशा में बीमा अनिवार्य है जो कम से कम दिए गए पते के व्यक्ति से वसूला जाता है। (कीमती पत्र जिनमें रेलवे टिकट, बिल चालान, दस्तावेज आदि पत्र जिनमें आंतरिक मूल्य और मुद्रित कागजात, पुस्तकों आदि के लिए बुक किए गए पैकेटों के मूल्य वाले शामिल ना हो।

सिक्कांे, बुलियन, प्लेटिनम, कीमती पत्थर, आभूषण, सरकारी मुद्रा नोट या बैंक नोट और सोने या चांदी की वस्तुएं आदि को केवल बीमित पत्रों या बीमित पार्सल के माध्यम से ही भेजा जा सकता है।

()     प्रीमियम डाक सेवाएंः-

पर्यावरण की बदलती जरूरतों के साथ, डाक विभाग द्वारा काफी अच्छी संख्या में प्रीमियम डाक सेवाओं की शुरूआत की गई। इन सेवाओं में स्पीड पोस्ट, एक्सप्रेस पार्सल पोस्ट, ईपोस्ट आदि शामिल हैं। डाक विभाग की ओर से एपीएस द्वारा सेना के माहौल में इन सेवाओं को बढाया गया। वास्तविक समय के आधार पर इंटरनेट कनेक्टिविटी द्वारा ट्रैक एंड ट्रैस की सुविधा, इन सेवाओं का फायदा है। इसी तरह ईपोस्ट/डेबिट आर्मी ईपोस्ट के एक सैन्य डाक घर से दूसरे सैन्य डाक घर तक त्वरित संचरण के लिए इन्हें इंटरनेट की गति से जोडा गया है।

()     स्पीड पोस्टः-

स्पीड पोस्ट भारत की एक प्रीमियम एक्सप्रेस डाक सेवा है। यह वज़न में ३५ किलोग्राम तक की वस्तुओं/दस्तावेजों और पार्सल के लिए समयबद्ध और सुनिश्चित डिलीवरी सेवा प्रदान करता है।

इंटरनेट आधारित ट्रैक एंड टैª सिस्टम

स्पीड पोस्ट आॅनलाइन ट्रैक और ट्रैस की सुविधा प्रदान करता है। इसके लिए ूूूण्पदकपंचवेजण्हवअण्पद पर लाॅग इन करना होगा और १३ अंकों की स्पीड पोस्ट लेख संख्या द़र्ज करनी होगी फिर ट्रैकिंग में क्लिक करंे। बुकिंग से लेकर वस्तु की डिलीवरी तक की संपूर्ण स्थिति तुरंत प्रदर्शित हो जाएगी।

एसएमएस पर डिलीवरी की जानकारी

अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस प्राप्त करें, जब वस्तु डिलीवरी डाक घर पर पहुंच जाए या डिलवरी का एसएमएस प्राप्त हो।

()   डेबिट आर्मी पोस्ट लाॅजिस्टिक्सः-

‘डेबिट आर्मी पोस्ट लाॅजिस्टिक्स‘ को २॰१८ में चयनित १३ सैनिक डाक घरों में फिर से शुरू किया गया है। इस सेवा की पुनः शुरूआत के साथ, सभी आर्मी इकाईयाॅं/फाॅरमेशन अब अपनी आश्रित और दूसरी सैन्य इकाईयाॅं/फाॅरमेशन के लिए खेप/भंडार बुक कर सकेंगी। इस सेवा के तहत, ३५ किलोग्राम तक की सरकारी सामान बुक किया जा सकता है। बुकिंग के लिए सैन्य इकाईयों को भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। इसे बुक डेबिट आधार पर केंद्रिय रूप से किया जाएगाा।

()      SDS :-

कार्यालीय रूप से संबोधित किए जाने वाले कार्यालीय डाक को श्ैबीमकनसमक क्मेचंजबी ैमतअपबमष् ैक्ैद्ध के माध्यम से भेजा जाएगाा जो विशेष रूप से सेना डाक सेवा द्वारा संचालित किया जा रहा है। कार्यालीय डाक को संभालने वाले सेना के डाकघरों को श्ैबीमकनसमक क्मेचंजबी व्ििपबमष् ;ैक्व्द्ध कहा जाता है।

डाक की सुरक्षा कमाॅन्ड फ़ंक्शन का एक महत्वपूर्ण पहलू है और कार्यालीय डाक ;ैक्ैद्ध संभालते हुए उससे संबंधित की किसी भी प्रकार की कोई जानकारी लीक ना हो यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त एहतियात/उपायों की आवश्यकता है।

(SDS) सेवा लागू हैः-

सशस्त्र बलों (थल सेना, वायु सेना, नौसेना) की सभी फाॅरमेशन/इकाईयों हेतु सीमा सडक संगठन सेना के सामरिक नियंत्रण वाले क्षेत्र में तैनात अर्ध सैनिक बलों हेतु

(SDS) द्वारा संचरण के लिए स्वीकार्य लेखः-

श्ैबीमकनसमक क्मेचंजबी ैमतअपबमष् एक पार्सल सेवा नहीं है और यह मुख्य रूप से केवल कार्यालीय पत्राचार के प्रेषण के लिए ही है।   ैक्ै द्वारा माॅडल भेजे जा सकते है। इस तरह के माॅडलों को सुरक्षित रूप से लकडी के पैकेजों में पैक किया जाता है, जिसे जूट के कपडे (टिन बाॅक्स का प्रयोग निषेध है) से लपेटा जा सकता है जिसका आकार १५ सेमी ग १॰ सेमी और वज़न ५॰॰ ग्राम से अधिक ना हो। इन पैकजों में श्त्म्ळप्ैज्म्त्म्क् ैक्ै क्म्छज्न्त्म्ैश् लिखा होगा।

आधिकारिक तौर पर ‘क्राॅस चैक‘, पोस्टल आॅर्डर जिसे सरकारी तौर पर फाॅरमेशन, यूनिट या कोई अधिकारी जारी करता है को भेजने मेें कोई आपत्ति नहीं होती है। यह विशेष रूप से सैन्य अधिकारियों के अंशदायी शिक्षा फंड के   लिए अधिकारी द्वारा जारी किए गए चैक पर लागू होता है।

अज्वलनशील एक्सरे फिल्मस को प्रेषण हेतु स्वीकार किया जाता हैं अगर उस पर उपर से ‘सुरक्षित फिल्म‘ की मोहर लगी हो।

(SDS) द्वारा संचरण के लिए अस्वीकार्य लेखः-

किसी भी परिस्थिति में विस्फोटक, हथियार, गोला-बारूद, ज्वलनशील पदार्थ, तरल पदार्थ, कपडे, उपकरण, पोस्टल आॅर्डर, नकद, कीमती सामान, व्यक्तिगत पत्र या व्यक्तिगत किट, पुस्तकें और अन्य प्रकार के प्रकाशन जब तक उन्हें ‘गोपनीय‘ में वर्गीकृत नहीं किया जाता, स्मृति चिन्ह, डायरी, ग्रीटिग कार्ड, दवाईयां, पदक, रेलवे वारंट और निजी चैक आदि ैक्ै के माध्यम से प्रेषित नहीं किए जाएंगे। उपर्युक्त वस्तुओं में से किसी के भी शामिल  होने का संदेह होने से भेजने वाले से पूछताछ की जाएगी।

()   लोकल SDS मेलः-

पहले लोकल फाॅरमेशन/यूनिटों द्वारा स्थानीय स्तर पर कार्यालीय डाक को बिना ैक्व् के हस्तक्षेप के सीधे ही पोस्ट आॅडरली के माध्यम से ही बाॅंट दिया जाता था जिससे समय और कागजातों की बचत होती थी।

बहरहाल, कई मामलों मे देखा गया कि सेना की कुछ यूनिटें एक ही इलाके में अलग-अलग जगह बिखरी हुईं है, ऐसे में यूनिट अर्दली लंबी दूरी के कारण डाक को नहीं बाॅंट पा रहे थे तब थ्च्व्/ैक्व् के माध्यम से स्वबंस ैक्ै उंपस को भेजने का प्रस्ताव आया जिससे यूनिट अर्दली के समय और वाहनों के ईंधन की बच़त होगी स्वबंस ैक्ै उंपस की डिलवरी में।

 इस प्रकार थ्च्व् और ैक्व् डाक के एक सुविधाजनक केन्द्र के रूप में कार्य करते हैं, यानि डाक आदान-प्रदान केंद्र बुकिंग, पंजीकरण और वितरण पर्ची तैयार करने जैसे बिना किसी अतिरिक्त कार्य को रोके हुए निष्पादित करते हैं।

(आ) ़ PRIORITY SDS MAIL:-.

श्ैबीमकनसमक क्मेचंजबी ैमतअपबम च्तवबमकनतमए ब्ींतंबजमतपेजपबे ंदक ज्तंपदपदह प्देजतनबजपवदे दृ 2014श् पुंिस्तका के पैरा १॰ में परिकल्पित किया गया है कि प्रवर्तक द्वारा सुनिंिश्चत किए हुए पंजीकृत ैक्ै पैकेज़, जो संवेदनशील प्रकृति में वर्गीकृत किए हुए पत्र जिन्हें ‘प्राथमिकता‘ से चिन्हित किया गया है को वायु संचरण की सुविधा का लाभ ले सकते हैं। पत्रों के ऊपर वर्णित किए हुए विशेष शब्द श्त्म्ळप्ैज्म्त्म्क्ध् च्त्प्व्त्प्ज्ल्श्ए त्म्ळप्ैज्म्त्म्क्ध् व्च् प्डडम्क्प्।ज्म्श् मदद करते हैं पत्रों को संचरण के विभिन्न स्तरों के दौरान विभेद करने में।

फाॅरमेशन/यूनिटों द्वारा आवश्यक है कि लिफाफे के सामने ऊपर, दाहिने तरफ रब़र की मोहर की मदद से वरीयता या पंजीकृत एसडीएस लिखा जाए।

काउंटर क्लर्क द्वारा काउंटर में प्राप्त होने वाले पंजीकृत ैक्ै को वरीयता या उससे ऊपर के क्रम में अलग करना होगा। पहले पंजीकृत ैक्ै पत्रों की एक अलग सूची बनानी होगी और उसके बाद रोजमर्रा के पत्रों की सूची।

केंद्रिय डाक घर द्वारा प्राप्त होने वाले ष्च्त्प्व्त्प्ज्ल् ैक्ै डंपसष् के बंडल को तुरंत अलग किया जाएगा, उसे चिन्हित और छांटने की प्रक्रिया बिना किसी रूकावट के होगी और अगली खेप उपलब्ध होने तक उसे उसी दिन पे्रषित कर दिया जाएगाा।