
लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम ने 01 जुलाई 2024 को जीओसी-इन-सी सेंट्रल कमान पदभार संभाला।
उन्होंने जून 1987 को 14 पंजाब रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया । वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, भारतीय सैन्य अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, आर्मी वॉर कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं।
37 वर्ष से ज़्यादा के सैन्य करियर में उन्हें शांति और मैदान दोनों में महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ़ नियुक्तियाँ करने का गौरव प्राप्त है। जनरल अफसर ने अपनी यूनिट के साथ अरुणाचल प्रदेश,मणिपुर और नागालैंड में तथा एलसी पर कश्मीर घाटी, सियाचिन ग्लेशियर और पूर्वी लद्दाख में भी सैन्य सेवायें दी है।
जनरल अफसर द्वारा संभाले गए स्टाफ पदों में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के प्रशिक्षक, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के निर्देशक, कांगो में सैन्य पर्यवेक्षक, इन्फैंट्री ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर, सामरिक योजना निदेशालय में निदेशक बल संरचना, स्टाफ ड्यूटी निदेशालय में ब्रिगेडियर स्टाफ ड्यूटी, सेना स्टाफ सचिवालय के अतिरिक्त महानिदेशक शिकायत सलाहकार बोर्ड के प्रमुख और महानिदेशक सामरिक योजना के पद पर कार्यरत रहे हैं।
जनरल अफसर के पास बेहतरीन अपरिसीम परिचालन अनुभव है और उन्होंने पश्चिमी सीमाओं पर इन्फैंट्री बटालियन, नियंत्रण रेखा पर इन्फैंट्री ब्रिगेड, संयुक्त राष्ट्र के हिस्से के रूप में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इन्फैंट्री ब्रिगेड ग्रुप तथा उत्तरी सीमाओं पर काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स 'विक्टर' और बाद में 'फायर एंड फ्यूरी' कोर की कमान संभाली।
कुशल नेतृत्व व समर्पण सेवाभाव के लिए जनरल अफसर को 'युद्ध सेवा मेडल', 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' और 'उत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त, उन्हें चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ से लेकर चेयरमैन चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के प्रशंसा पत्र और मेंशन-इन-डिस्पैचेज का भी सम्मान प्राप्त है।